नोएडा प्राधिकरण में समय-विस्तार पर कार्यरत आर.के. शर्मा के पास चार महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार होने को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता, कार्यभार वितरण और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में समय-विस्तार पर कार्यरत आर.के. शर्मा को एक साथ कई महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार दिए जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, विभागीय जिम्मेदारियों के वितरण तथा पारदर्शिता को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार आर.के. शर्मा के पास स्वास्थ्य विभाग, वर्क सर्किल-3, BOT तथा सिटी बस सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में यह प्रश्न उठ रहा है कि जब प्राधिकरण में अन्य अधिकारी भी उपलब्ध हैं तो एक ही अधिकारी को इतने विभागों का प्रभार किस आधार पर सौंपा गया।
प्राधिकरण से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि विभागों में लंबित फाइलों, विकास कार्यों की गति तथा प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा की आवश्यकता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कार्यभार के संतुलित वितरण पर भी विचार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा हितों के संभावित टकराव और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा हो रही है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था जनविश्वास को मजबूत करती है।
समय-विस्तार दिए जाने की प्रक्रिया और उसके मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जनहित में वस्तुस्थिति स्पष्ट किए जाने और आवश्यक होने पर तथ्यों की जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक नोएडा प्राधिकरण अथवा आर.के. शर्मा की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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