सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण पर जीआरएपी लागू करने में देरी पर उठाए सवाल
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन फ़ॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की कार्यशैली पर नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 3 और 4 को लागू करने में अनावश्यक देरी की गई है, जो कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए गलत तरीका है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब 13 नवंबर को AQI 401 तक पहुंच गया था, तब भी जीआरएपी-3 को लागू करने में देरी हुई। इसी तरह 17 नवंबर को AQI 450 का आंकड़ा पार कर गया, लेकिन जीआरएपी-4 18 नवंबर की सुबह से लागू किया गया। कोर्ट ने इस “इंतजार करने” के रवैये को गलत ठहराया।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगला आदेश पारित होने तक जीआरएपी-4 लागू रहेगा, भले ही AQI का स्तर कुछ हद तक सुधर जाए। NCR की सभी सरकारों को इसे सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
इस रिपोर्ट को प्रस्तुत करते हुए, हम देख सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कितनी गंभीर है। यह बयान सरकारों और संबंधित एजेंसियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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